Samaa Hai Noor Ka Naat Lyrics By Owais Raza Qadri

02/10/2022 554

CHECK OUT The New Samaa Hai Noor Ka Naat Lyrics(Urdu/Hindi) By Owais Raza Qadri 2022. The Latest Urdu Naat Samaa Hai Noor Ka Is Recited By Owais Raza Qadri And The Urdu/Hindi Lyrics Are Written By Owais Raza Qadri.

Samaa Hai Noor Ka lyrics

Samaa Hai Noor Ka Song Details

Song: Samaa Hai Noor Ka
Singer: Owais Raza Qadri
Starring: Owais Raza Qadri
Label: Heera Gold
Rattings:

    Avg Rating 5.00 by 1 User(s)

Samaa Hai Noor Ka Lyrics 🕮

Nikla Chand Hai, Nikla Chand Hai
Nikla Chand Hai, Nikla Chand Hai

Samaa Hai Noor Ka, Ye Nikla Chand Hai
Samaa Hai Noor Ka, Ye Nikla Chand Hai
Nikla Chand Hai, Nikla Chand Hai
Nikla Chand Hai, Nikla Chand Hai

Aasman Par Har Nazar Hai Kaisa Nikla Chand Hai
Eid e Milad e Muhammad Mustafa Ka Chand Hai

Nikla Chand Hai, Nikla Chand Hai
Nikla Chand Hai, Nikla Chand Hai

Sarkar Ki Amad Marhaba
Dildar Ki Amad Marhaba
Manthar Ki Amad Marhaba
Huzoor Ki Amad Marhaba
Purnoor ki Amad Marhaba
Zara Jhoom Ke Bolo Marhaba
Lab Choom Ke Bolo Marhaba
Parcham Lahra Kar Bolo Marhaba

Marhaba, Marhaba

Samaa Hai Noor Ka, Ye Nikla Chand Hai
Samaa Hai Noor Ka, Ye Nikla Chand Hai
Julmate, Kufr o Zalalat Ka Hai Seena Chaak Chaak
Teerghi-e-Dahr Me Nikla Khuda Ka Chand Hai

Samaa Hai Noor Ka, Ye Nikla Chand Hai
Samaa Hai Noor Ka, Ye Nikla Chand Hai
Nikla Chand Hai, Nikla Chand Hai
Nikla Chand Hai, Nikla Chand Hai

Samaa Hai Noor Ka, Ye Nikla Chand Hai
Samaa Hai Noor Ka, Ye Nikla Chand Hai
Kah Do Daman Ko Samentein Kufr Ki Taarikiyan
Amna Bibi Ke Ghar Nikla Khuda Ka Chand Hai

Samaa Hai Noor Ka, Ye Nikla Chand Hai
Samaa Hai Noor Ka, Ye Nikla Chand Hai
Nikla Chand Hai, Nikla Chand Hai
Nikla Chand Hai, Nikla Chand Hai

Sama Hai Noor Ka, Ye Nikla Chand Hai
Sama Hai Noor Ka, Ye Nikla Chand Hai

Sarkar Ki Amad Marhaba
Dildar Ki Amad Marhaba
Manthar Ki Amad Marhaba
Huzoor Ki Amad Marhaba
Purnoor ki Amad Marhaba
Zara Jhoom Ke Bolo Marhaba
Lab Choom Ke Bolo Marhaba
Parcham Lahra Kar Bolo Marhaba

Marhaba, Marhaba

Sama Hai Noor Ka, Ye Nikla Chand Hai
Sama Hai Noor Ka, Ye Nikla Chand Hai
Ik Taraf Tha Badar e Kamil, Ik Taraf Taiba Ka Chand
Ishq e Jabir Ne Kaha Taiba Ka Suthra Chand Hai

Sama Hai Noor Ka, Ye Nikla Chand Hai
Sama Hai Noor Ka, Ye Nikla Chand Hai
Nikla Chand Hai, Nikla Chand Hai
Nikla Chand Hai, Nikla Chand Hai

Sama Hai Noor Ka, Ye Nikla Chand Hai
Sama Hai Noor Ka, Ye Nikla Chand Hai
Khana e Tariki Me Jab Muskuraya Aap Ne
Aayisha Khatoon Ne Samjha Ke Nikla Chand Hai

Sama Hai Noor Ka, Ye Nikla Chand Hai
Sama Hai Noor Ka, Ye Nikla Chand Hai
Nikla Chand Hai, Nikla Chand Hai
Nikla Chand Hai, Nikla Chand Hai

Sama Hai Noor Ka, Ye Nikla Chand Hai
Sama Hai Noor Ka, Ye Nikla Chand Hai
Har Taraf Hai Eid Ka Manzar Ae Razvi Zindabad
Barahvi Ki Sub’he Nikla Amna Ka Chand Hai

Sama Hai Noor Ka, Nikla Chand Hai
Sama Hai Noor Ka, Nikla Chand Hai
Nikla Chand Hai, Nikla Chand Hai
Nikla Chand Hai, Nikla Chand Hai

Sama Hai Noor Ka, Ye Nikla Chand Hai
Sama Hai Noor Ka, Ye Nikla Chand Hai 

Sarkar Ki Amad Marhaba
Dildar Ki Amad Marhaba
Manthar Ki Amad Marhaba
Huzoor Ki Amad Marhaba
Purnoor ki Amad Marhaba
Zara Jhoom Ke Bolo Marhaba
Lab Choom Ke Bolo Marhaba
Parcham Lahra Kar Bolo Marhaba

Marhaba, Marhaba

निकला चंद है, निकला चंद है
निकला चंद है, निकला चंद है

समा है नूर का, ये निकला चांद है
समा है नूर का, ये निकला चांद है
निकला चंद है, निकला चंद है
निकला चंद है, निकला चंद है

आसमान पर हर नज़र है कैसा निकला चांद है
ईद ए मिलाद ए मुहम्मद मुस्तफा का चांद है

निकला चंद है, निकला चंद है
निकला चंद है, निकला चंद है

सरकार की अमद मरहबा
दिलदार की अमद मरहबा
मंथर की अमद मरहबा
हुज़ूर की अमद मरहबा
पूर्णूर की अमद मरहबा
जरा झूम के बोलो मरहबा
लैब चूम के बोलो मरहबा
परचम लहरा कर बोलो मरहबा

मरहबा, मरहबा

समा है नूर का, ये निकला चांद है
समा है नूर का, ये निकला चांद है
जुलमेट, कुफ्र या जलालत का है सेना चक चाकी
तेरी-ए-दहर में निकला खुदा का चांद है

समा है नूर का, ये निकला चांद है
समा है नूर का, ये निकला चांद है
निकला चंद है, निकला चंद है
निकला चंद है, निकला चंद है

समा है नूर का, ये निकला चांद है
समा है नूर का, ये निकला चांद है
कह दो दमन को देखते हैं कुफ्र की तारिकियां
आमना बीबी के घर निकला खुदा का चांद है

समा है नूर का, ये निकला चांद है
समा है नूर का, ये निकला चांद है
निकला चंद है, निकला चंद है
निकला चंद है, निकला चंद है

समा है नूर का, ये निकला चांद है
समा है नूर का, ये निकला चांद है

सरकार की अमद मरहबा
दिलदार की अमद मरहबा
मंथर की अमद मरहबा
हुज़ूर की अमद मरहबा
पूर्णूर की अमद मरहबा
जरा झूम के बोलो मरहबा
लैब चूम के बोलो मरहबा
परचम लहर कर बोलो मरहबा

मरहबा, मरहबा

समा है नूर का, ये निकला चांद है
समा है नूर का, ये निकला चांद है
एक तराफ था बदर ए कामिल, एक तराफ तैयबा का चांदो
इश्क ए जबीर ने कहा तैयबा का सूत्र चंद है

समा है नूर का, ये निकला चांद है
समा है नूर का, ये निकला चांद है
निकला चंद है, निकला चंद है
निकला चंद है, निकला चंद है

समा है नूर का, ये निकला चांद है
समा है नूर का, ये निकला चांद है
खाना ए तारिकी में जब मुस्कान आप ने
आयशा खातून ने समझौता के निकला चांद है

समा है नूर का, ये निकला चांद है
समा है नूर का, ये निकला चांद है
निकला चंद है, निकला चंद है
निकला चंद है, निकला चंद है

समा है नूर का, ये निकला चांद है
समा है नूर का, ये निकला चांद है
हर तराफ है ईद का मंजर ऐ रजवी जिंदाबाद
बारहवी की सुब्हे निकला आमना का चांद है

समा है नूर का, निकला चंद है
समा है नूर का, निकला चंद है
निकला चंद है, निकला चंद है
निकला चंद है, निकला चंद है

समा है नूर का, ये निकला चांद है
समा है नूर का, ये निकला चांद है

सरकार की अमद मरहबा
दिलदार की अमद मरहबा
मंथर की अमद मरहबा
हुज़ूर की अमद मरहबा
पूर्णूर की अमद मरहबा
जरा झूम के बोलो मरहबा
लैब चूम के बोलो मरहबा
परचम लहर कर बोलो मरहबा

मरहबा, मरहबा

Samaa Hai Noor Ka Video




Owais Raza Qadri Heera Gold

Latest Music Lyrics 2020